Ganesh Chaturthi 2021: भूलकर भी न करें यह काम, जान‍िए क्‍यों कहा जाता है कलंक चतुर्थी

लखनऊ,[जितेंद्रउपाध्याय]। एकओरजहांशुक्रवारकोलखनऊमेंगणेशोत्सवकीधूमहोगी।प्रथमपूज्यदेवकीस्थापनाकोलेकरतैयारियांअंतिमरूपलेचुकीहैंतोदूसरीओरइसदिनचांदनदेखनेकीपरंपराकीसनातनकालसेचलीआरहीहै।मान्यताहैकिइसदिनचांददेखनेवालोंकोबिनाकुछकिएकलंकलगताहै।ऐसेमेंचंद्रदर्शनसेबचनाचाहिए।आचार्यशक्तिधरत्रिपाठीनेबतायाकिइसदिनकोकलंकचतुर्थीभीकहाजाताहै।इसदिनचंद्रमाकेदर्शननहींकरनेचाहिए,क्योंकिइसदिनचंद्रदर्शनकरनेसेझूठाकलंकलगताहै।श्रीमद्भागवतमेंइसकाजिक्रमिलताहै।इसदिनचांददेखनेसेभगवानश्रीकृष्णकोस्यमंतकमणिचुरानेकाझूठाकलंकझेलनापड़ाथा।इसकीमुक्तिकेलिएव्रतकेसाथप्रथमपूज्यदेवकीआराधनाकरनीचाहिए।भगवानश्रीकृष्णनेभीव्रतरखकरपूजनकियाथा।

इसलिएनहींदेखतेचांद: आचार्यकृष्णकुमारमिश्रानेबतायाकिकथानकहैकिजबभगवानश्रीगणेशकोगजकामुखलगायागयातोवेगजाननकहलाएऔरमाता-पिताकेरूपमेंपृथ्वीकीसबसेपहलेपरिक्रमाकरनेकेकारणवहप्रथमपूज्यदेवकीश्रेणीमेंआए।देवताओंनेपूजाकरनीशुरूकरतोचंद्रमामुस्कुरातेरहेऔरउन्हेंअपनीसुंदरतापरघमंडआगया।चंद्रमाकेअभिमानपरश्रीगणेशजीनेक्रोधमेंआकरश्रापदेदियाकिआजसेतुमकालेहोजाओगे।चंद्रमानेश्रीगणेशजीसेक्षमामांगीतोगजानननेकहाकिसूर्यकेप्रकाशकोपाकरतुमएकदिनपूर्णहोजाओगेयानीपूर्णप्रकाशितहोंगे,लेकिनचतुर्थीकायहदिनतुम्हेंदंडदेनेकेलिएहमेशायादकियाजाएगा।भाद्रपदमासकेशुक्लपक्षकीचतुर्थीकेदिनजोतुम्हेनिहारेगा,उसपरझूठाकलंकलगेगा।इसीदिनसेचांददेखनेसेबचनेकीपरंपराहै।

कलंकसेबचनेकेलिएऐसेकरेंपूजन: आचार्यएसएसनागपालनेबतायाकिचंद्रदर्शनकेबादकलंकसेबचनेकेलिएबेसनयाबूंदीकेलड्डूकोप्रसादकेरूपमेंरखकरगजाननकीआराधनाकरनीचाहिए।भाद्रपदशुक्लचतुर्थीकोप्रथमपूज्यदेवभगवानगणेशकामध्याह्नकेसमयजन्महुआथा।नौसितंबररात्रि12:18सेचतुर्थीलगजाएगीऔर10सितंबररात्रि9:57बजेतकरहेगी।इनकावाहनमूशकहैऔरऋद्धिऔरसिद्धिइनकीदोपत्नियांहै।श्रीगणेशकीउपासनासेकार्योमेंसफलतामिलतीहैऔरचंद्रदर्शनकाविघ्नदूरहोताहै।गणेशचतुर्थीकेदिनगणेशप्रतिमापरसिंदूरचढ़ानाचाहिएऔरमोदककाभोगलगानाचाहिए।

गणपतिपूजनकीविधि: आचार्यआनंददुबेनेबतायाकिमान्यताहैकिश्रीगणेशजीकाजन्मदोपहरकेसमयहुआथा.ऐसेमेंश्रीगणेशजीकापूजन10सितंबरकोसुबह10:48बजेदोपहर1:18बजेपूजनकाउत्तमसमयहै।चंद्रदर्शनहोनेपरगणपतिकेव्रतकासंकल्पलें.इसकेबाददोपहरकेसमयगणपतिकीमूर्तियाफिरउनकाचित्रलालकपड़ेकेऊपररखेंऔरगंगाजलसेपवित्रकरभगवानश्रीगणेशकाआह्वानकरें.पुष्प,सिंदूर,जनेऊऔरदूर्वाचढ़ाएंइसकेबादगणपतिकोमोदकलड्डू,चढ़ाएं।मंत्रोच्चारणकेसाथश्रीगणेशचालीसाकापाठकरें.