56 लाख सूचनाएं दर्ज कर देश में शीर्ष पर पहुंचा यूपी अभियोजन विभाग, जानें-अन्य राज्यों की स्थिति

लखनऊ,राज्यब्यूरो।ई-प्रासीक्यूशनपोर्टलपर56लाखसूचनाएंदर्जकरयूपीपुलिसनेदेशमेंअपनेशीर्षस्थानकोकायमरखाहै।उत्तरप्रदेशकेबादमध्यप्रदेश16लाखसूचनाएंदर्जकरदूसरेतथाचारलाखसूचनांएदर्जकरगुजराततीसरेस्थानपरहै।गृहमंत्रालयद्वारावेबिनारकेजरिएआयोजितकार्यक्रममेंप्रदेशकेअभियोजनविभागकोपुरस्कृतकियागया। मुख्यमंत्रीयोगीआदित्यनाथकेनिर्देशपरअपराधियोंकोअधिकतमसजादिलानेकीनीतिकेतहतप्रदेशकाअभियोजनविभागतेजीसेकार्यकररहाहै।

अपरमुख्यसचिव,गृहअवनीशकुमारअवस्थीनेबतायाकिई-प्रासीक्यूशनपोर्टलपरअबतक56लाखसेअधिकसूचनाएंदर्जकीजाचुकीहैं।इसकेलिएसभीअभियोजनअधिकारियोंकोलैपटापवअन्यसुविधाएंउपलब्धकराईगईहैं।डिजिटलइंडियामिशनकेतहतअभियोजनकोप्रभावीबनानेकेलियेई-प्रासीक्यूशनप्रणालीवर्ष2015मेंलागूकीगईथी।एडीजीअभियोजनआशुतोषपांडेयकेअनुसारपोर्टलपरन्यायालयमेंचलरहेमुकदमोंसेजुड़ीसभीअहमसूचनाएंदर्जकीजातीहैं।

गवाहीसेलेकरपेशी,मुकदमेकीवर्तमानस्थितिसमेतअन्यजानकारियांकोएकक्लिकपरआसानीसेदेखाजासकताहै।इसकेजरिएलगातारविश्लेषणकानतीजाहैकिआरोपितोंकोसजादिलानेकीदरमेंबढ़ोत्तरीहुईहै।खासकरमहिलासंबंधीअपराधोंमेंसजादिलानेकीदरबढ़ीहैऔरउत्तरप्रदेशअन्यराज्योंकीतुलनामेंसबसेआगेहै।आपराधिकन्यायप्रणालीकेतहतन्यायालय,पुलिस,विधिविज्ञानप्रयोगशाला,कारागारवअन्यसंबंधितविभागोंकीसूचनाओंकोपोर्टलपरदर्जकियाजारहाहै।इसप्रणालीसेअभियोजनअधिकारियोंकेकार्याेंकीप्रभावीनिगरानीभीसंभवहोसकीहै।