5 साल में सिर्फ 10 वेंटिलेटर खरीद पाए अफसर

अभिषेकगौतम,लखनऊसिविलअस्पतालमेंइंसेफलाइटिस,जापानीबुखारऔरएक्यूटइंसेफलाइटिससिंड्रोम(एईएस)सेलड़नेकेइंतजामपांचसालबादभीआधे-अधूरेहैं।इनसेपीड़ितबच्चोंकेइलाजकेलिएपांचसालपहलेतत्कालीनसीएमनेअस्पतालमेंपीडियाट्रिकइंटेंसिवकेयरयूनिट(पीआइसीयू)बनानेकाऐलानकियाथा,लेकिनस्वास्थ्यविभागकेअफसरोंकीलापरवाहीसेइनपांचसालमेंवॉर्डकेलिएसिर्फजगहतयहोसकीहैऔर10वेंटिलेटरखरीदेजासकेहैं।ऐसेमेंइंसेफलाइटिससेपीड़ितबच्चोंकोसिर्फकेजीएमयूमेंइलाजमिलपारहाहै।साल2013मेंतत्कालीनसीएमअखिलेशयादवनेसिविलअस्पतालमेंजेई-एईएससेपीड़ितबच्चोंकेइलाजकेलिए10बेडकेपीआईसीयूवॉर्डबनानेकोऐलानकियाथा।यहकामराष्ट्रीयस्वास्थ्यमिशन(एनएचएम)केतहतहोनाहै,लेकिनअफसरोंकीसुस्तीकेकारणदोसालतकबजटहीजारीनहींहुआ।ऐसेमेंऐलानकेचारसालबादमई2017मेंकरीब12-12लाखरुपयेकीमतकेदसवेंटिलेटरखरीदेगए,जोअबभीसीलपैकपड़ेहैं।पीआईसीयूवॉर्डकेलिएबालरोगविंगकीतीसरीमंजिलपरजगहतयकीगईहै।वॉर्डशुरूकरनेकेलिएऑक्सिजनप्लांटलगनाजरूरीहै,लेकिनअभीतययहकामनहींहोसकाहै।सिविलअस्पतालप्रशासनकेमुताबिक,पीआईसीयूवॉर्डकेलिएचारबालरोगविशेषज्ञकीडिमांडहै।इसकेसाथ10पैरामेडिकलस्टाफकीजरुरतहै,लेकिननएडॉक्टरोंकीतैनातीनहोनेसेवॉर्डशुरूनहींहोपारहा।इससेपहलेअस्पतालप्रशासननेदावाकियाथाकिशुरुआतमेंअस्पतालकेहीचारडॉक्टरोंकोचिह्नितकरपीआइसीयूवॉर्डमेंतैनातकियाजाएगा।इन्हेंकेजीएमयूमेंदोदिनकीट्रेनिंगपरभेजाजाएगा,लेकिनअभीतकयहट्रेनिंगनहींहोसकीहै।इनलापरवाहियोंपरअफसरएकसालसेपत्रभेजने,पत्रनमिलनेऔरजानकारीनहोनेजैसेबहानेबनाकरअपनीगलतियांछुपानेमेंजुटेहैं।मशीनभीनहींमिलीसिविलअस्पतालकेनिदेशकडॉ.एचएसदानूनेबतायाकिआक्सिजनप्लांटलगानेकेलिएकंप्रेशरमशीनकीजरूरतहोतीहै।शासनसेइसकीडिमांडकीगई,लेकिनअबतकमशीननहींमिलीहै।इसकेअलावावॉर्डकेलिए6मॉनिटरऔरएकसेंट्रलाइज्डमॉनिटरकीभीजरूरतपड़ेगी।बढ़रहेएईएसकेमरीजवेक्टरबॉर्नडिजीजकेनोडलअधिकारीडॉ.केपीत्रिपाठीनेबतायाकिराजधानीमेंजनवरीसेअबतकएईएसके106मरीजोंकीपुष्टिहोचुकीहै।साथहीदोलोगोंकीमौतहोचुकीहै।